कठोपनिषद

24th Mantra of Kathopanishada.
(चौबीसवां मन्त्र)
एतत्तुल्यं यदि मन्यसे वरं वृणीष्व वित्तं चिरजीविकां च।
महाभूभौ नचिकेतस्त्वमेधि कामानां त्वा कामभाजं करोमि॥२४॥
(यमराज ने कहा) यदि तुम इस वर के तुल्य (किसी अन्य) वर को मांगना चाहते हो तो मांग लो धन और चिरजीविका को माँग लो। हे नचिकेता! तुम इस महान् पृथ्वी पर वृद्धि करो, शासन करो तुम्हें (समस्त) कामनाओं का भोग करने वाला बना देता हूँ |
(Yama said): “If you consider any boon equal to this, demand wealth and long life, and be the ruler over the wide Earth. O Nachiketa, I shall make you the enjoyer of your all desires.”

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